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04. Chapter - Jiv Ajeev Tattva      
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जीवतत्‍व Jiv Tattva
जो श्‍वासोश्‍वास लेते हैं,खाते हैं,पीते हैं,चलते हैं,जन्‍म लेते हैं, मरते हैं, बढते है,जिनको सुख दुःख का अनुभव होता हैं,ये सामान्य जीवके लक्षण जिनमें होते हैं, वह जीवतत्‍व कहलाता हैं|जीव अनंत हैं|जीवतत्‍व के १४ भेद हैं| Jeev Tattva (Living Substance / Form): Life (soul) in its original form is called Jeev Tattva. Any substance tht can breathe, eat, drink, move, create sound, can feel and ahs birth-death cycles is known as Jeev Tattva. There are countless Jeev Tattva in this universe.
 
अजीवतत्‍व Ajiv Tattva
जो श्‍वासोश्‍वास लेते नहीं, खाते नहीं,पीते नहीं, चलते नहीं,बोलते नहीं, जन्‍म लेते नहीं, मरते नहीं, बढते नहीं, जिनको सुख दुःख का अनुभव होता नहीं, उसे अजीवतत्‍व कहते हैं|अजीवतत्‍व के १४ भेद हैं| Ajiv Tattva (Non-living Substance / Form): Unlike Jiv Tattva, Ajiv Tatva cannot breathe, eat, drink, move, crate sound-death cycles.
 
तत्‍व के प्रकार Types of Tattva
एकेन्‍द्रिय
बेइन्‍द्रिय
तेइन्‍द्रिय
चऊरिन्‍द्रिय
पंचेन्‍द्रिय

EkendriyaJiva
Beindriya Jiva
TeindriyaJiva
ChautindriyaJiva
PanchendriyaJiva

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